Kasi ki karot Katha
काशी के अज्ञानी ब्राह्मणों ने आश्रम बनाकर वर्धा आश्रम मैं लोगों को रखना शुरू किया जब परेशान हो गए तो एक ऐसी करोत लगाई जिसके नीचे नाड़ रखकर ऊपर से करोत को छोड़ो नाड़ कट जाएफिर उस इंसान को उठाकर गंगा में डाल देते और कहते मोक्ष प्राप्त कर गया कबीर परमेश्वर ने सभी पाखंड वाद का पुरजोर विरोध किया मोक्ष प्राप्त करने का मार्ग अलग है जो आज पृथ्वी पर सिर्फ संत रामपाल जी महाराज के पास है